मोदी पर तंज / ममता ने कहा- कपड़ों के आधार पर शरारती तत्वों को अलग नहीं कर सकते
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीएबी के खिलाफ मंगलवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ रैली निकाली। रैली जामिया मीलिया के छात्रों के समर्थन में जादवपुर यूनिवर्सिटी से कोलकाता के जादू बाजार तक निकाली गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए ममता ने कहा कि शरारती तत्वों को कपड़े के आधार पर अलग नहीं कर सकते। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड के दुमका में कहा था कि पश्चिम बंगाल में आग लगाने वालों की पहचान उनके कपड़ों से की जा सकती है। ममता ने कहा कि पूरा देश जल रहा है और वे आपके कपड़ों की बात कर रहे हैं। क्या आप मेरे कपड़ों से कह सकते हैं कि मैं कौन हूं।
ममता ने दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ हिंसा अप्रत्याशित है। छात्रों को बाथरूम में जाकर पीटा गया, यह अच्छा नहीं है। यह छात्रों को बंधक बनाने जैसा है। भाजपा देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है, जिससे इसकी आड़ में वे केंद्रीय बल को राज्यों में भेज सकें।
राज्यों को कानून मानने के लिए बाध्य नहीं कर सकता केंद्र: ममता
ममता बनर्जी ने कहा, ''संसद में भाजपा की संख्या ज्यादा है, सिर्फ इसलिए यह राज्यों को कानून लागू करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। नागरिकता संशोधन विधेयक संसद में जल्दबाजी में पारित कर दिया गया। भाजपा ने विपक्षी पार्टियों को इस पर चर्चा करने और सोचने तक का वक्त नहीं दिया।''ममता नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल सिटिजन रजिस्टर का शुरुआत से ही विरोध कर रही हैं।
ममता का अनुरोध- पश्चिम बंगाल में रेल सेवाएं बहाल हो
ममता ने कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल में सिर्फ एक या दो घटनाओं के कारण रेल सेवाएं रोक दी। रेलवे संपत्ति की रक्षा करना रेलवे सुरक्षा बल का काम है, इसके बावजूद हमने उनकी मदद की। हमने 600 लोगों को तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मैं रेलवे और केंद्र सरकार से अनुरोध करती हूं कि सेवाएं दोबारा बहाल की जाएं।